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खिड़की से नहीं मिलेगा ‘विकल्प’

रेलवे अपने ही यात्रियों के साथ भेदभाव कर रही है। इंटरनेट पर टिकट लेने वाले यात्रियों को विकल्प की सुविधा प्रदान कर रही है, जबकि खिड़की पर खड़े लोगों की उपेक्षा कर रही है। रेलवे काउंटरों से टिकट लेने वाले यात्री ठगे जा रहे हैं। उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। 1यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से रेलवे बोर्ड ने ‘विकल्प’ की सुविधा प्रदान की है। इस सुविधा के तहत यात्री वेटिंग टिकट मिलने पर ट्रेन का विकल्प चुन सकते हैं।

यानी, अगर कोई यात्री 12555 गोरखधाम एक्सप्रेस से दिल्ली तक की यात्र करना चाहता है और उसे वेटिंग टिकट मिल रहा है तो वह पीछे चलने वाली अन्य ट्रेनों का विकल्प चुन सकता है। जैसे गोरखधाम के यात्री वैशाली और सप्तक्रांति एक्सप्रेस का विकल्प चुन सकते हैं। निर्धारित ट्रेन में टिकट कंफर्म नहीं होने पर बर्थ खाली होने पर विकल्प वाली ट्रेनों में यात्री को जगह मिल जाएगी। रेलवे यह महत्वाकांक्षी सुविधा सिर्फ आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर टिकट लेने वाले यात्रियों को उपलब्ध करा रही है। रेलवे काउंटर पर आवेदन पत्र से टिकट लेने वाले लोगों को यह सुविधा नहीं मिल रही है। आवेदन मांग पत्र में विकल्प सुविधा के लिए कोई विकल्प नहीं है।



हालांकि, जानकारों का कहना है कि रेलवे ने यह सुविधा कैशलेस और ई टिकट के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदान की है। आज स्थिति यह है कि 70 फीसद टिकट इंटरनेट पर ही बुक हो जा रहे हैं। तत्काल के सभी टिकट नेट से ही जारी हो रहे हैं। अब तो वेटिंग टिकट के लिए ही लोग खिड़की पर पहुंच रहे हैं। इस संबंध में मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव कहते हैं कि फिलहाल विकल्प की सुविधा ई टिकट पर ही उपलब्ध है।’सिर्फ ई टिकट लेने वाले यात्रियों को ही मिल रही विकल्प की सुविधा1’यात्रियों से भेद- भाव, ठगे जा रहे खिड़की पर खड़े लोग।


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