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मोदी सरकार के तीन साल: इंडियन रेलवे की तरक्की

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सहूलियतें प्रदान की गई हैं। रेल मंत्रालय की मानें तो पिछले तीन वर्षों में ट्रेनों में 2208 अतिरिक्त बोगियां लगाकर यात्रियों को डेढ़ लाख से ज्यादा अतिरिक्त शायिकाएं (स्लीपर बर्थ) उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। यह संप्रग सरकार के तीन वर्षों में जोड़ी गईं अतिरिक्त शायिकाओं के मुकाबले 36 फीसद अधिक है।

इस दौरान 262 नई सेवाएं प्रारंभ की गई, 135 ट्रेनों का मार्ग विस्तार किया गया तथा 25 ट्रेनों के फेरे बढ़ाए गए। इसके अलावा सर्दियों, गर्मियों और त्योहारों के मौके पर विशेष ट्रेनों के 1,05,902 फेरे भी लगाए गए। यही नहीं, 350 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई गई जिनमें 104 ट्रेनों को 2016-17 के दौरान ही सुपरफास्ट में बदला गया।

एलएचबी बोगियां: तीन वर्षो में 52 जोड़ी ट्रेनों में ज्यादा सुरक्षित एलएचबी बोगियां लगाई गई तथा 57 बोगियों की नए सिरे से बाहरी और आंतरिक साजसज्जा कर उन्हें अधिक सुविधाजनक बनाया गया। अब तक कुल मिलाकर 6600 साधारण दर्जे की बोगियों में भी मोबाइल चार्जिग की सुविधा दी जा चुकी है।


दीनदयालु कोच : चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) ने तीन वर्षों के दौरान गरीबों के लिए साधारण दर्जे वाली 321 दीनदयालु बोगियों का निर्माण किया।

स्टेशन : रेलवे ने कुल 1252 स्टेशनों को 'आदर्श स्टेशन' के रूप में उन्नत करने का फैसला किया है। इनमें से 1022 स्टेशनों को आदर्श स्टेशन में तब्दील किया जा चुका है।

वाई-फाई : 400 स्टेशनों पर 2018 तक वाई-फाई सुविधा देने के रेलमंत्री के एलान के तहत अब तक 142 स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा दी जा चुकी है।

एलईडी लाइट : इस दौरान कुल 1435 स्टेशनों में बिजली बचाने वाली एलईडी लाइटें लगाई गई।

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ई-कैटरिंग : अब तक 250 स्टेशनों पर ई-कैटरिंग की सुविधा प्रारंभ की जा चुकी है। शीघ्र ही यह सहूलियत अन्य 408 स्टेशनों पर उपलब्ध होगी।

एस्केलेटर : तीन वर्षो में 167 स्टेशनों पर 380 एस्केलेटर के अलावा 99 स्टेशनों पर 200 लिफ्ट लगाई जा चुकी हैं।

तीन रेल नीर प्लांट : अमेठी (उप्र), परासला (त्रिवेंद्रम) और बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में तीन नए रेल नीर प्लांट चालू हुए हैं।

बुकिंग पोर्टल का उन्नयन : न्यू जनरेशन सिस्टम के तहत अब आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर प्रति मिनट 2000 के बजाय 15 हजार टिकटों का आनलाइन बुकिंग संभव है। यही नहीं, अब यह 50 हजार के बजाय प्रति मिनट दो लाख शिकायतें अटेंड करने में सक्षम है। पीआरएस सिस्टम के युक्तिकरण के परिणामस्वरूप अब यात्री रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने के बाद भी टिकट खरीद सकते हैं। मोबाइल पर पेपरलेस अनरिजर्व टिकट की बुकिंग भी अब संभव है।

डिस्पोजेबल लिनेन : अब तक नई दिल्ली, निजामुद्दीन, मुंबई सेंट्रल, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, बंगलुरु सिटी, चेन्नई सेंट्रल तथा त्रिवेंद्रम सेंट्रल स्टेशनों पर डिस्पोजल लिनेन की ई-बुकिंग की सुविधा शुरू की जा चुकी है।


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