लखनऊ में मेट्रो 60 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ी

Irctc App, Railways app, irctc seat availability, Indian Rail, indian railways pnr status, Indian Railway, rail info, Lucknow, metro,

आरडीएसओ ने सोमवार को 60 किमी प्रतिघंटे की स्पीड में मेट्रो दौड़ाई। एलएमआरसी व एलस्टाम के इंजीनियरों की मौजूदगी में आरडीएसओ ने पहले दिन मेट्रो को नौ राउंड चलाया। इसमें सात राउंड मेट्रो डिपो में दौड़ी और दो राउंड ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग तक चलाईगयी। पहले दिन का ट्रायल सफल रहा है। 26 मार्च से मेट्रो को जनता के लिए शुरू होनी है। इसके लिए आरडीएसओ ने मेट्रो का ट्रायल शुरू कर दिया है। सोमवार को मेट्रो के अन्दर-बाहर सैकड़ों सेंसर, कैमरे व अन्य उपकरण लगाए गए हैं जो इसकी हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। सभी उपकरणों को चालू करने के बाद सोमवार की सुबह करीब 10 बजे ट्रेन डिपो में चला दी गयी थी। केवल डिपो में ही मेट्रो ने सात चक्कर लगाए। आरडीएसओ ने पहले डिपो के टेस्ट ट्रैक पर इसे दौड़ाया। इसके बाद यहां बनी पटरियों पर इसे पहले 50 किलोमीटर फिर 60 किलोमीटर की स्पीड में चलाया गया। डिपो में हुए ट्रायल में सब कुछ सही मिलने के बाद इंजीनियरों ने इसे मेन एलीवेटेड ट्रैक पर लाने का निर्णय किया। इसके लिए ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग तक ट्रेन के दो चक्कर लगाए गए। पहले चक्कर में मेट्रो को नान स्टाप 50 किलोमीटर की रफ्तार और दूसरे चक्कर में 60 किलोमीटर की रफ्तार से चलाया गया। ट्रायल में सब कुछ सही पाया गया है। 
Irctc App, Railways app, irctc seat availability, Indian Rail, indian railways pnr status, Indian Railway, rail info, Lucknow, metro,
आरडीएसओ के अधिकारियों को इतने अच्छे परिणाम की उम्मीद नहीं थी। पूरी ट्रेन आरडीएसओ के तारों व उपरकणों से भरी: पूरी मेट्रो ट्रेन आरडीएसओ के उपकरणों व तारों से भरी पड़ी है। आरडीएसओ ने मेट्रो के सभी कोचों में अन्दर व बाहर तमाम उपकरण लगा रहे हैं। सेन्सर, कैमरे सभी चीजें लगी हैं। जो मेट्रो की चाल को रिकार्ड कर रही हैं। कोच में बैठे इंजीनियर इसे देख रहे हैं और हर मूवमेंट पर नजर रखे हैं। वह पूरी रिकार्डिंग के आधार पर वह आंकड़ा तैयार करेंगे। यही आंकड़ा अहम होगा। कहा किस जगह मेट्रो में बैठने पर कितने झटके लग रहे हैं। कितना मेट्रो हिल रही है। ब्रेकिंग सिस्टम सही काम कर रहा है कि नहीं यह सभी कुछ जांचे जा रहे हैं। तीन से चार दिन बाद बालू की बोरियां रखकर होगा ट्रायल : तीन से चार दिन बाद मेट्रो में बालू की बोरियां रखकर ट्रायल होगा। अभी केवल खाली ट्रेन का ट्रायल होगा। ब्रेकिंग सिस्टम व अन्य चीजें सही मिलने पर ही लोड रखकर ट्रायल किया जाएगा। 20 टन प्रति यात्री के भार के हिसाब से आगे इसका ट्रायल होगा। इसके लिए बालू की भरी बोरियां डिपो में रखवा दी गयी हैं। यही नहीं एलएमआरसी इन बोरियों को रखकर खुद अपनी ट्रायल कर चुका है। अब आरडीएसओ अपनी निगरानी में इन्हें रखकर ट्रायल करेगा।


Courtesy: livehindustan
ALSO READ :-

No comments:

People

Powered by Blogger.